रचनाः संवाददाता
तिथिः 27 दिसंबर 2014

लब्बोलुआबः

तकनीकविद् और पत्रकार बालेन्दु शर्मा दाधीच को आज नई दिल्ली में संपन्न एक समारोह में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने डॉ. शंकर दयाल सिंह जनभाषा सम्मान से अलंकृत किया।

Summary:

Balendu Sharma Dadhich received Dr. Shankar Dayal Singh Janbhasha Samman at the hands of General V.K. Singh, union minister of state for external affairs at a function organised at National Museam of Art, on December 27, 2014.
जनरल वीके सिंह के हाथों बालेन्दु दाधीच को मिला शंकरदयाल सिंह सम्मान

- संवाददाता

हिंदी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी.कॉम के संपादक और सुपरिचित तकनीक विशेषज्ञ बालेन्दु शर्मा दाधीच को आज राजधानी में संपन्न एक समारोह में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने डॉ. शंकर दयाल सिंह जनभाषा सम्मान से अलंकृत किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य सत्यनारायण जटिया की मौजूदगी में श्री दाधीच को तकनीकी माध्यमों से हिंदी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पूर्व सांसद और प्रख्यात साहित्यकार रहे डॉ. शंकर दयाल सिंह की स्मृति में शंकर संस्कृति प्रतिष्ठान की ओर से हर वर्ष नवोन्मेषी माध्यमों के प्रयोग से हिंदी भाषा के विकास में योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाता है। श्री दाधीच को सन् 2014 के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया जबकि प्रसिद्ध कवि अशोक चक्रधर को सन् 2013 के लिए सम्मानित किया गया।

बालेन्दु दाधीच लंबे समय से हिंदी में तकनीकी विकास, तकनीकी माध्यमों के प्रयोग तथा हिंदी में विज्ञान तथा तकनीक के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों में जुटे हैं। सम्मान के लिए उनका चयन निर्णायक मंडल में सर्वसम्मति से हुआ। समारोह में साप्ताहिक हिंदुस्तान की पूर्व संपादिका श्रीमती शीला झुनझुनवाला, जानी-मानी हिंदी-सेवी श्रीमती कमला सिंघवी, चौथी दुनिया के संपादक संतोष भारतीय, शंकर संस्कृति प्रतिष्ठान के प्रमुख रंजन कुमार सिंह, रश्मि सिंह, मीडिया विशेषज्ञ डॉ. वर्तिका नंदा, प्रसिद्ध प्रकाशक प्रभात कुमार आदि मौजूद थे।

अपने उद्बोधन में केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि हिंदी का जिक्र आने पर अनायास ही कई तरह के पारस्परिक विरोधाभासी बयान सामने आने लगते हैं। उन्होंने हिंदी और देवनागरी की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें चाहिए कि हिंदी को विवादों से मुक्त रखें और उसे 'जनभाषा' के रूप में प्रतिष्ठित और विकसित किया जाए। उन्होंने राजनीति और साहित्य में डॉ. शंकर दयाल सिंह के योगदान की प्रशंसा की। इस मौके पर लद्दाख के आर्य-समुदाय के बारे में रंजन कुमार सिंह निर्मित तथा निर्देशित दिलचस्प डॉक्यूमेंटरी का प्रदर्शन भी किया गया। डॉ. शंकर दयाल शर्मा के व्यक्तित्व और रचनाओं पर केंद्रित फिल्म भी दिखाई गई। समारोह को सर्वश्री सत्यनारायण जटिया, अशोक चक्रधर, संतोष भारतीय, फणीश सिंह और बालेन्दु दाधीच ने भी संबोधित किया।

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